
मौलिक कहानियाँ
हेले का नक्शा
⏱ 2–4 मिनट
जब भी गाँव में त्योहार मनाया जाता था, तो वह भीड़ के पीछे चुपचाप नज़र आता था ।
जब वह उसे धीरे - धीरे निगल गया, तो उसकी भरपूर आवाज़ इतनी खूबसूरत थी कि पेड़ों में पक्षी भी गाने लगे ।
तब वह जंगल में अकेले बैठा था जहाँ कोई देख नहीं सकता था, और उसकी ताल और भी सुन्दर होती थी ।
सालाना पर्व के दिन, गांव के सामान्य ढोल अचानक बीमार पड़ गए और कोई भी जुलूस का नेतृत्व नहीं कर सकता था. एक पल के लिए , तो अपने पुराने ढोल के साथ आगे कदम रखा, हालांकि अपने हाथ हिला रहे थे.
समय तो तो वे खेल शुरू हो गया, उसकी अमीर आवाज ने पूरे गाँव में बजकर बाहर सुना. हर किसी ने लय के लिए आनंद से नाचा और नाचा. तो हमें एहसास हुआ कि असली जादू पुराने ढोल में नहीं था, यह साहस था वह अपने भीतर पाया था.
कभी कभी चीज में असली जादू खुद में नहीं है, लेकिन साहस में हम अपने भीतर खोज.
एक डरावना लड़का जो दूसरों के सामने संगीत करने से डरता है एक साधारण दिखनेवाला ढोल मिल जाता है जो उसे अपनी गति और भरोसे को खोजने में मदद करता है.
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