
मौलिक कहानियाँ
माउस और छोटे अण्डा
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झील के किनारे पर एक उल्कांती - सी हवा के साथ रहती थी और उसके पूरे झुंड में गुलाबी रंग के परों के पंख हैं ।
एक दिन, एक दोस्त ने उसे अपनी सारी चीज़ें बेच दीं और अपनी सारी जान तक दे दी ।
अब वह अपने क्रोध पर लगी रही, उसके ज़्यादा - से - ज़्यादा गुलाबी रंग के पंख एक ठंडे बाल में उड़ गए ।
झील के किनारे रहते हुए बुद्धिमान पुराने शुतुरमुर्ग ने उस से कहा, उसके मन में आगा हुआ हे की गुलाबी रंग की छाया है। यदि तू क्रोध करे, तो तेरा रंग कभी न लौटेगा। तब उस ने अपने मित्र से विदा करने और क्षमा करने का निर्णय लिया।
उसने सीखा कि क्षमा करने से हमेशा दिल को हल्का और तेज़ महसूस होता है ।
क्रोध को छोड़ देना दिल को कठोर कर देता है, लेकिन क्षमा हमेशा उसकी चमक को पीछे डालता है ।
वह अपने पिता के साथ अपने बच्चों को माफ करना सीख जाती है ।
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