
ईसप की कहानियाँ
बिल्ली का घंटी
⏱ 3–5 मिनट
एक पिता और उसका बेटा, अपने गधे को नगर की ओर ले गए ताकि उसे बेच सकें, और धूलि के बादल के पास पशु के पास गाड़कर चला सकें ।
तब जच्चा हंसने लगे, कि उनके गदहे तो हैं, और उस पर सवार न हो। इसी कारण पिता ने अपने पुत्रा को गदहे पर एक ही बार चढ़ा दिया।
इसलिए पिता आगे बढ़कर सवार हो गया, जब तक कि लोग कहने लगे कि वह अपने बेटे को पीछे छोड़कर चला नहीं गया ।
अगले गाँव में जाकर लोगों ने उन्हें दीन - दुखियों को बुरी तरह पीटा और उस पर तरस खाया ।
पिता और बेटा सिर्फ दुःख की बात समझते थे, और यह जानकर कि हर किसी को खुश करने की कोशिश करना शायद आपको किसी भी हाल में छोड़ दे ।
हर समय को खुश करना असंभव है — कभी कभी कभी हमें अपने ही न्याय पर भरोसा करना चाहिए.
एक पिता और बेटा अपने गधे को बाजार ले जाता है, और उन्हें हर किसी को खुश करने की कोशिश करते हैं — जब तक गधे नदी में गिर जाता है तब तक उन्हें सिखा देते हैं कि आप हर कोई संतुष्ट नहीं कर सकते.
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