
मौलिक कहानियाँ
नीना और सितुस पोन
⏱ 2–3 मिनट
एक छोटे से भालू ने सफेद रंग के फूल को बड़े पैमाने पर गिरते हुए देखा — लेकिन उसकी माँ ने कहा कि यह समय था कि पूरे परिवार को सर्दियों में गड़हे में जाकर सोवा दिया जाए ।
माँ उसे करीब पकड़ लिया और प्यार से समझाया कि एक भालू के शरीर को अपनी ताकत और आराम को दूर करना चाहिए, लंबे समय तक आराम से आगे ठंडा ठंडा होने के लिए. लेकिन एक बार जब सब सो गया था, तो थोड़ा सा चैन चैन अंधेरे में अकेले ही छोड़ दिया.
वह बहुत थक गया और उसे लगा कि अब उसे ज़िंदगी में कभी - भी आराम नहीं मिलेगा ।
वह अपने थके हुए पैरों के बीच वापस वापस चला गया और उसे पकड़ लिया. उसकी माँ उसे होश में लाने के लिए जाग गई, लेकिन वह उसे ज़रा भी नहीं चिढ़ाया. वह सिर्फ स्नेह से गले में डालकर उसे धीरे धीरे धीरे से समझाया कि क्यों उसके छोटे शरीर को वास्तव में इस आराम की ज़रूरत है.
वह अपने परिवार के साथ पूरी सर्दियों में सो गया, जब तक कि वसंत नहीं आ गया ।
कभी - कभी धीरज और उचित आराम हमें भविष्य के दिनों के लिए पर्याप्त शक्ति देता है ।
एक छोटा सा भालू समझ नहीं आता कि क्यों उसके परिवार को सर्दियों में सो जाना चाहिए, इसलिए वह बर्फ में अकेले एक ठंड रात खेलने के लिए बाहर कूद जाता है — और सीखना कठिन तरीका क्यों आराम करना है.
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